उदयपुर जिले के बड़गांव सैटेलाइट हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. अशोक शर्मा का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इलाज के दौरान रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोपों के बाद चिकित्सा विभाग ने उन्हें एपीओ करते हुए जयपुर मुख्यालय तलब किया है। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
अस्पताल में एक युवती डॉ. शर्मा से लिपटकर रोती दिखाई दी, वहीं कई मरीजों और स्टाफ की आंखें भी भर आईं। डॉ. शर्मा ने सभी को शांत करते हुए कहा—
“सोमवार तक यहां हूं, जिनका इलाज बाकी है, पूरा करा लो।”
चिकित्सा विभाग की संयुक्त शासन सचिव निशा मीणा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉक्टर के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने और सोशल मीडिया पर रील बनाने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई स्थानीय भाजपा नेताओं की ओर से की गई शिकायतों के बाद की गई है।
डॉ. शर्मा सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहते हैं। उनके अकाउंट पर करीब 3.10 लाख फॉलोअर्स हैं, जहां वे मरीजों से जुड़ी रीलें नियमित रूप से साझा करते थे। विभागीय अधिकारियों ने ड्यूटी समय में रील बनाने को लेकर पहले भी आपत्ति दर्ज करवाई थी।
एपीओ आदेश के बाद डॉ. शर्मा ने इंस्टाग्राम पर दो वीडियो साझा किए।
पहले वीडियो में उन्होंने कहा—
“मुझे नहीं पता मेरी गलती क्या है। अगर मुझसे कोई गलती हुई है, तो मैं सुधारने के लिए तैयार हूं।”
दूसरे वीडियो में वे अस्पताल में मरीजों का इलाज करते दिखे और बोले—
“कुछ मरीजों का इलाज बाकी था इसलिए आया हूं। मेरा ऑर्डर आ गया है, अब जा रहा हूं। सोमवार तक यहां हूं, इलाज करा लो।”
उन्होंने यह भी बताया कि किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने 90 दिनों तक सेवाएं दीं और “ऑपरेशन सिंदूर” में जाने के लिए भी सबसे पहले आवेदन किया था।
तबादले के बाद जारी एक और वीडियो में डॉ. शर्मा ने भावुक होकर कहा—
“मैं रोऊंगा, लेकिन इसे कमजोरी मत समझना। मैं उन बच्चों और बुजुर्गों के लिए रोऊंगा जो मुझे याद करेंगे। सिस्टम में सुधार की जरूरत है।”
बड़गांव सैटेलाइट हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. अशोक शर्मा का मामला तूल पकड़ता गया, रील विवाद के बाद एपीओ