नई दिल्ली: देश में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए वर्ष 2025 निराशा और आक्रोश लेकर आया है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की हालिया परीक्षाओं में केंद्र आवंटन से लेकर तकनीकी गड़बड़ियों तक, व्यापक अव्यवस्था देखने को मिली है, जिसने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गलत सेंटर आवंटन: 20 घंटे का सफर, माथे पर निराशा
उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के हजारों छात्रों को उनके चुने हुए शहरों के बजाय कर्नाटक, अंडमान, केरल और ओडिशा जैसे दूरस्थ राज्यों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए।
कानपुर के राहुल को सेंटर मिला “उडुपी, कर्नाटक”।
बिहार की पूजा को केंद्र मिला “पोर्ट ब्लेयर, अंडमान”।
छात्रों ने अपनी जमापूंजी खर्च कर, लंबी और थका देने वाली यात्राएँ कीं। लेकिन, उडुपी जैसे कई केंद्रों पर पहुँचने के बाद, उन्हें “परीक्षा रद्द | Server down” जैसी सूचनाओं का सामना करना पड़ा। बिना किसी अग्रिम सूचना या मुआवजे के, छात्रों के सपनों पर पानी फिर गया।
तकनीकी अव्यवस्था: 'पेपर खुला ही नहीं'
दूर-दराज के केंद्रों की यात्रा के बाद भी, कई छात्र तकनीकी गड़बड़ियों के शिकार हुए:
कई सेंटरों पर सिस्टम नहीं चला या लॉगिन फेल हो गया।
माउस ने काम नहीं किया और कई जगह पेपर खुला ही नहीं।
मध्य प्रदेश के विशाल कुमार जैसे छात्रों ने बताया कि वे 3 घंटे तक सिर्फ सिस्टम की घड़ी देखते रहे और उन्हें अंततः “पेपर कैंसिल हो गया” बताकर वापस भेज दिया गया।
जंतर-मंतर पर 'न्याय की पुकार' – शिक्षक भी उतरे मैदान में
देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों, जिनमें नीतू मैम (दिल्ली), अभिनय सर (पटना) और अमन श्रीवास्तव (यूपी) शामिल हैं, ने छात्रों के समर्थन में #DelhiChalo | #SSC_सुधार_आंदोलन का आह्वान किया।
हजारों की संख्या में आक्रोशित छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा हुए। उनकी मांग थी: "SSC जवाब दो! सरकार उठाओ जिम्मेदारी!"
प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई को हिरासत में लिया गया। हिरासत में ली गईं नीतू मैम का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने चिल्लाकर कहा, "ये बच्चे सिर्फ नौकरी नहीं मांगते, सिस्टम की इज़्ज़त मांगते हैं!"
जिम्मेदारी किसकी?
यह गंभीर अव्यवस्था सीधे तौर पर SSC, परीक्षा संचालन एजेंसी (Eduquity) और मूकदर्शक बनी रही सरकार की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाती है। अब तक इस मामले में किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
demand छात्रों की प्रमुख मांगें:
सभी रद्द परीक्षाओं के लिए तत्काल Re-Exam की घोषणा हो।
गलत सेंटर आवंटन के लिए Correction Window खोली जाए और प्रभावितों को उचित Compensation (मुआवजा) मिले।
Eduquity जैसी अनियमितता वाली कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए।
SSC अपनी प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही लागू करे।
संपादकीय टिप्पणी
एक छात्र, जो वर्षों से तैयारी कर रहा है, जब उसका सपना एक क्लिक या एक सर्वर क्रैश से टूट जाता है, तो यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों उम्मीदों का दमन है। यह घटना दर्शाती है कि देश में योग्यता और मेहनत से ज्यादा महत्व अव्यवस्था और प्रशासनिक निष्क्रियता को दिया जा रहा है। क्या एक स्थिर जीवन का सपना देखना अब 'गुनाह' बन गया है?
सिस्टम को जवाब देना होगा। अब और नहीं, अब सुधार चाहिए!
'सपना देखना गुनाह बन गया?' SSC की परीक्षाओं में भयंकर गड़बड़ी, जंतर-मंतर पर उमड़ा छात्रों का सैलाब