छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाले ट्रेन हादसे ने सबको सन्न कर दिया। शाम करीब 4 बजे, लालखदान सबवे के पास, गेवरारोड से बिलासपुर आ रही एक मेमू लोकल ट्रेन उसी ट्रैक पर पहले से खड़ी एक मालगाड़ी से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण और जबरदस्त थी कि मेमू लोकल ट्रेन का इंजन वाला हिस्सा मालगाड़ी के आखिरी डिब्बे (गार्ड केबिन) के ऊपर चढ़ गया। इस दर्दनाक हादसे में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 6 यात्रियों की मौत हो गई है, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
"कोई फोन पर बात कर रहा था, कोई उतरने वाला था..."
हादसा बिलासपुर स्टेशन से महज कुछ किलोमीटर दूर गतौरा और बिलासपुर रेलवे स्टेशन के बीच हुआ। रोज की तरह, गेवरारोड से सवारी लेकर मेमू ट्रेन बिलासपुर की ओर रवाना हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन में सामान्य हलचल थी। कोई यात्री अपने स्टेशन पर उतरने की तैयारी कर रहा था, तो कोई दोस्त से फोन पर बात कर रहा था, तभी अचानक एक जोरदार झटके के साथ भयंकर आवाज आई। देखते ही देखते डिब्बों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। मेमू ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पटरी से उतरे डिब्बों ने आसपास के क्षेत्र को युद्धक्षेत्र जैसा बना दिया।
बचाव कार्य में देरी, अंधेरे से आई बाधा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के जीएम, डीआरएम से लेकर कमिश्नर, एसपी और जिला प्रशासन का पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। घायलों को तुरंत रेलवे अस्पताल के साथ ही सिम्स और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने में देरी हुई।
देरी से शुरू हुआ काम: घटना शाम चार बजे की है, लेकिन रेलवे की ओर से बचाव कार्य करीब आधे घंटे बाद शुरू किया गया।
अंधेरे ने डाला खलल: मौके पर लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण अंधेरा होते ही बचाव कार्य में भारी बाधा उत्पन्न हुई। काफी देर के बाद प्रकाश की व्यवस्था की गई, तब जाकर राहत कार्य दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सका।
देर से पहुंची रिलीफ ट्रेन: बचाव कार्य के लिए आने वाली रिलीफ ट्रेन भी देर से मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू जारी: देर रात तक रेस्क्यू कार्य जारी रहा। दो और यात्रियों को निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। एक महिला यात्री के अभी भी डिब्बों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा: ओवरस्पीड बनी वजह?
इस हादसे ने रेलवे की "आटोमैटिक सिग्नल प्रणाली" पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है सिस्टम: रेलवे की इस नई प्रणाली के तहत, एक ही ट्रैक पर एक निश्चित दूरी बनाकर तीन ट्रेनें तक जा सकती हैं।
स्पीड लिमिट: इस सिस्टम में ट्रेनों की गति सीमा तय है। दिन में 15 किलोमीटर प्रतिघंटा और रात में 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही ट्रेन को चलाना होता है।
लोको पायलट की गलती? प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मेमू ट्रेन का चालक तय सीमा से कहीं ज्यादा तेज गति (ओवरस्पीड) में ट्रेन चला रहा था। ऐसे में, जब अचानक उसे सामने उसी ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी दिखाई दी, तो वह ट्रेन को नियंत्रित नहीं कर पाया और यह भीषण हादसा हो गया।
CRS जांच के आदेश, रेलवे ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद रेलवे ने इसकी विस्तृत जांच का ऐलान किया है। यह जांच सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर की जाएगी, ताकि हादसे के सभी तकनीकी और मानवीय कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
इसके साथ ही, रेलवे ने दुर्घटना में प्रभावित लोगों के लिए अनुग्रह राशि (मुआवजे) की घोषणा की है:
मृतकों के स्वजन: 10 लाख रुपये
गंभीर रूप से घायल: 5 लाख रुपये
सामान्य रूप से घायल: 1 लाख रुपये
यातायात ठप, राजनीति गरमाई
इस टक्कर के बाद हड़कंप मच गया। हादसा 'अप लाइन' पर हुआ था, जिसके बाद रेलवे ने अप, मिडिल और चौथी लाइन को तुरंत बंद कर दिया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद 'डाउन लाइन' को चालू किया जा सका, जिसके बाद बिलासपुर स्टेशन पर रुकी ट्रेनों को एक-एक कर रवाना किया गया। पहली गाड़ी गोंडवाना एक्सप्रेस को रवाना किया गया।
हादसे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं:
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू: हादसे की खबर मिलते ही केंद्रीय मंत्री तोखन साहू सीधे सिम्स हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए और सख्त लहजे में कहा कि "किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंह देव: उन्होंने हादसे को "बड़ी लापरवाही" बताते हुए कहा कि कई रेल ट्रैक होने के बावजूद यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मृतक परिवारों को मुआवजे के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की और कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए।
पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह: उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "बिलासपुर के लाल खदान रेलवे स्टेशन के पास हुई मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन की टक्कर की खबर अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।"
रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यात्रियों एवं उनके स्वजन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
बिलासपुर: 7777857335, 7869953330
चांपा: 8085956528
रायगढ़: 9752485600
पेंड्रा रोड: 8294730162
कोरबा: 7869953330
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