जयपुर में 'मौत' का तांडव: 100 की रफ्तार, 300 मीटर तक... नशे में धुत ड्राइवर ने 19 लोगों को रौंदा

जयपुर में 'मौत' का तांडव: 100 की रफ्तार, 300 मीटर तक... नशे में धुत ड्राइवर ने 19 लोगों को रौंदा

राजस्थान की राजधानी जयपुर सोमवार की दोपहर एक ऐसे खौफनाक और दिल दहला देने वाले हादसे से दहल उठी, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है। हरमाड़ा थाना इलाके की व्यस्त लोहामंडी रोड पर, शराब के नशे में धुत एक डंपर ड्राइवर ने मौत का ऐसा नंगा नाच किया कि देखने वालों की रूह कांप गई।

100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी तेज रफ्तार से, यह बेकाबू डंपर मौत का दूत बनकर 300 मीटर तक जो भी इसके रास्ते में आया, उसे कुचलता, रौंदता और तबाह करता चला गया। इस भीषण हादसे में अब तक 19 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से ज़्यादा लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मौत का यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

मौत का 300 मीटर: जो सामने आया, बच नहीं सका
यह पूरा डरावना मंजर किसी हॉरर फिल्म के सीन जैसा था। चश्मदीदों के मुताबिक, डंपर (ट्रक) रॉन्ग साइड से आ रहा था। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज ने भी इसकी पुष्टि की है, जिसमें डंपर 100 से ज्यादा की स्पीड में दौड़ता नजर आ रहा है।

पहला शिकार: मौके पर मौजूद राकेश कुमार जांगिड़ और रामदयाल मीणा ने बताया- "हादसा हमारी आंखों के सामने हुआ। रॉन्ग साइड से आ रहे डंपर ने चौराहे पर पहले एक बाइक को कुचला।"
तबाही का मंजर: बाइक को कुचलने के बाद भी ड्राइवर नहीं रुका। वह हॉर्न बजाता रहा, लेकिन डंपर की रफ्तार और तेज होती गई। उसने एक स्विफ्ट डिजायर कार समेत तीन और गाड़ियों को रौंदा और फिर अगले 300 मीटर तक वह बस तबाही मचाता गया।

17 गाड़ियां चकनाचूर: इस पागलपन भरी रफ्तार ने कुल 17 गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें कारें, बाइक, और एक पिकअप शामिल है। तस्वीरें इतनी भयावह हैं कि सड़क पर गाड़ियों के बोनट, टायर, नंबर प्लेट और अन्य सामान बिखरे पड़े हैं। सड़क के बीच लगे मजबूत लोहे के बैरियर भी टक्कर से कागज की तरह मुड़ गए।

आँखों देखा मंजर: "बस मांस के लोथड़े चिपके थे..."
हादसे के बाद का मंजर शब्दों में बयां करना मुश्किल है। सड़क पर हर तरफ सिर्फ टूटी गाड़ियां, घायलों की चीख-पुकार और मातम पसरा था।

"किसी की गर्दन मिली, किसी का पैर...": प्रत्यक्षदर्शी राहुल चौधरी ने कांपती आवाज में बताया, "डंपर ड्राइवर बुरी तरह नशे में था। हमने लाशों को अपने हाथों से खींच कर बाहर निकाला। मंजर इतना भयानक था कि किसी की गर्दन मिली, तो किसी का पैर। एक पिकअप की बॉडी पर मांस के लोथड़े चिपके हुए थे। यह हादसा बहुत भयावह था।"

बाल-बाल बची जान: इस हादसे में आलोक बंसल नाम के एक शख्स बाल-बाल बच गए। आलोक ने बताया, "मैं ऑफिस के काम से निकल रहा था। मैं बस वॉशरूम के लिए रुका ही था कि डंपर मेरे बगल से गोली की रफ्तार में निकला। कुछ ही सेकेंड में उसने एक बाइक को चपेट में ले लिया, जो पूरी तरह पिचक गई। गनीमत रही कि बाइक वाले ने कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन उसकी गाड़ी पूरी खत्म हो गई।"

गुस्साई भीड़ ने ड्राइवर को पकड़ा, लोगों में भारी आक्रोश
जब डंपर आखिरकार रुका, तब तक वह 19 जिंदगियों को लील चुका था। हादसे के तुरंत बाद, आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए घायलों को मलबे से निकालना शुरू किया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

इसी बीच, गुस्साई भीड़ ने भागने की कोशिश कर रहे डंपर ड्राइवर को मौके पर ही पकड़ लिया। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ड्राइवर को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में पुष्टि हो गई है कि ड्राइवर शराब के नशे में धुत था।

हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर धरना दिया और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह ड्राइवरों के साथ-साथ डंपर के मालिक के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।

शराब और स्टीयरिंग का खूनी खेल
यह कोई पहली घटना नहीं है जब शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह से सैकड़ों लोगों की जान गई हो। नशे में इंसान का संतुलन, सोचने की शक्ति और प्रतिक्रिया करने की क्षमता, तीनों कमजोर हो जाते हैं। जब वही व्यक्ति एक भारी वाहन (डंपर) लेकर सड़क पर उतरता है, तो वह एक चलता-फिरता बम बन जाता है।

सरकार और पुलिस की 'ड्रिंक एंड ड्राइव' न करने की अपीलें खोखली साबित हो रही हैं। अगर शराब पीकर वाहन चलाने पर पहले ही सख्त कार्रवाई होती, तो शायद आज जयपुर की सड़कों पर यह मातम नहीं पसरा होता। इस हादसे ने कई परिवारों को हमेशा के लिए तबाह कर दिया है, और पूरे शहर को एक गहरे सदमे में डाल दिया है।

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